कुथंल गिरि जैन मंदिर

कुथंल गिरि जैन मंदिर

(कुथलगिरि) महाराष्ट्र का एक पर्वत और एक प्राचीन जैन तीर्थ है, जो वर्सी से 22 मील (लगभग ३६ कि मी) की दूरी पर स्थित है।

इतिहास

कुंथलगिरि तीर्थ में 11 जैन मंदिर हैं। कुंथलगिरि का मुख्य मंदिर श्री कुल भूषण - देश भूषण मंदिर है, जिसे यहां बड़ा मंदिर के नाम से जाना जाता है। श्री कुल भूषण - देश भूषण भगवान मुनिसुव्रतनाथ के काल में मोक्ष गए थे। भगवान शांतिनाथ, मुनिसुव्रतनाथ और आदिनाथ की मूर्तियाँ यहाँ मौजूद हैं।

मंदिर की मुख्य मूर्ति मुनिसुव्रतनाथ की है। आदिनाथ की मूर्ति को अर्ध पद्मासन मुद्रा में उकेरा गया है और पार्श्वनाथ की मूर्ति एक सफेद रंग की है और कोबरा के 11 फन हैं।

वर्ष 1875 में निर्मित शांतिनाथ मंदिर भी यहां मौजूद है। इस मंदिर का मूलनायक पद्मासन मुद्रा में २ फीट ३ इंच की काली शांत मूर्ति है। अन्य तीर्थंकरों और देवी पद्मावती और सरस्वती की मूर्तियाँ भी यहाँ हैं।

१९४४ में ५३ फीट ऊँचा मानस्तंभ खड़ा किया गया था, जिसके शीर्ष पर भगवान मुनिसुव्रतनाथ की ४ मूर्तियाँ स्थापित थीं।

कुंथागिरी में बाहुबली मंदिर, आदिनाथ मंदिर, अजीतनाथ मंदिर, चैत्य और नंदीश्वर जिनालय , नेमिनाथ मंदिर, महावीर मंदिर, कांच मंदिर और रत्नत्रय मंदिर भी मौजूद हैं।