नारेली जैन मन्दिर

नारेली जैन मन्दिर

नारेली जैन मंदिर, अजमेर के बाहरी इलाके में स्थित एक नवनिर्मित जैन मन्दिर है। शहर से 7 किलोमीटर की दूरी पर और जयपुर से 128 किलोमीटर पश्चिम की ओर मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर स्थित है।

इतिहास

गणमान्य व्यक्तियों के सहयोग से इस मंदिर का निर्माण हुआ है। यह मंदिर अरावली पर्वत श्रृंखला पर स्थित है।
जिस स्थान से तीर्थ का प्रवर्तन किया जाता है, उसे तीर्थ कहते है अर्थात जहाँ भव्य जीव साधना कर संसार से तिरने की शिक्षा प्राप्त करते हैं, उन्हें तीर्थक्षेत्र कहते हैं।

ऐसे भारत में अनेक जैन तीर्थ क्षेत्र हैं, जिन्हें श्रावकों ने श्रद्धा भक्ति से बनाया और आज वे विश्व विख्यात अतिशय क्षेत्र बन गये। इसी श्रृंखला में इस जैन धर्म की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने एवं वृद्धिगत करने के लिये इस श्री दिगम्बर जैन ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र की स्थापना की गयी।

अजमेर से लगभग 7 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित नारेली दिगंबर जैन मंदिर एक पवित्र तीर्थ स्थल है। संगमरमर के पत्थर से बना नारेली जैन मंदिर अपनी सुंदर वास्तुकला और जटिल पत्थर की नक्काशी के लिए लोकप्रिय है, जो पारंपरिक और समकालीन दोनों रूप प्रस्तुत करता है। यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर से बना है और चारों ओर सुंदर आकार के बगीचों से सुसज्जित है।

स्थानीय लोगो के अनुसार यह मंदिर इच्छाओं को पूरा करने और जीवन में समृद्धि के लिए जाना जाता है। मुख्य मंदिर में पहली मंजिल पर भगवान आदिनाथ जी की 22 फीट ऊंची विशाल मूर्ति है, जिसमें ऊपर की पहाड़ियों पर अन्य तीर्थंकरो के 24 लघु मंदिर हैं।

यह मंदिर ऊपर से देखने में शानदार और मनभावन है। इसका निर्माण अरावली पर्वत माला में किया गया है। नारेली जैन मंदिर वास्तुकला और शहर क्षेत्र से दूर पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता के शौकीन पर्यटकों के लिए यह राजस्थान के सबसे लुभावने जैन मंदिरों में से एक है।

1. नारेली जैन मंदिर का प्रवेश शुल्क

• नारेली जैन मंदिर में भारतीयों के लिए कोई प्रवेश शुल्क नही है।

• यहाँ विदेशियों के लिए- प्रति व्यक्ति 10 रूपये प्रवेश शुल्क निर्धारित है।

• इसके अलावा अगर आप अपने साथ डिजिटल कैमरा ले जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक अलग टिकट खरीदना होगा, जिसकी लागत 50
रूपये है।

• वीडियो कैमरा साथ ले जाने के लिए आपको 100 रूपये शुल्क देना होगा।

अजमेर का नारेली जैन मंदिर में दर्शन का समय

• नारेली ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर में आप यहाँ की सुंदर वास्तुकला और जटिल पत्थर की नक्काशी को अपने कैमरे में कैद कर सकते है।

• यहाँ आप सुबह 8. 30 पर सुबह की आरती या शाम को सूर्यास्त के 20 मिनट बाद शाम की आरती में शामिल हो सकते हैं।

अगर आप नारेली जैन मंदिर की सुखद यात्रा करना चाहते हैं तो बता दें कि यहां का दौरा करने का सबसे अच्छा समय नवंबर से मार्च का समय माना जाता है।

क्योंकि इस दौरान मौसम सुखद होता है, जो आपकी यात्रा रोमांचक बना देता है और आप आसानी से मंदिर में घूम सकते हैं। गर्मियों के मौसम में यहां की यात्रा करना सही नहीं है क्योंकि इस दौरान यहां चिलचिलाती गर्मी पड़ती है जिसकी वजह से आपको यात्रा में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।