जैन पाठशाला

ज्ञान–समान न आन जगत में सुख को कारण|

इह परमामृतजन्म- जरा- मृतु रोग निवारण ||


|| जय जिनेन्द्र ||

 

 

आप सभी को यह जानकर अत्यंत हर्ष हो रहा होगा कि जैन पाठशाला समिति जयपुर के द्वारा सम्पूर्ण देश में जैन पाठशाला के 50 केन्द्रों का सफल संचालन किया जा रहा है लगभग 1500 छात्र-छात्रायें को इन केन्द्रों पर धार्मिक शिक्षा लेकर संस्कारित हो रहे है भक्तामर, छहढाला, दर्शनपाठ, पूजनएव अनेकों स्तुतिया आदि के माध्यम से जिनवाणी बच्चे कंठस्थ कर रहे है 

वर्तमान भौतिक वादी पाश्चात्य संस्कृति के प्रकोप से आज कोई भी अछुता नहीं है ऐसेमें बच्चो एवं युवाओ में धार्मिक संस्कारो का बीजारोपण चुनौती कष्टसाध्य कार कार्य है आप सभी प्रसन्नताका अनुभव कर गोरवान्वित होगे कि जैन पाठशाला समिति द्वारा जिनधर्म प्रभावना हेतु सम्पूर्ण देश में जैन पाठशाला के केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है जिसमे आधुनिक तकनीक (कम्प्यूटर प्रोजेक्टर) के माध्यम से विभिन्न विषयों का शिक्षण कराया जा रहा है। 

पौराणिक कथाओं,महान पुरुष के जीवन चरित्र को एनीमेशन पिक्चर के माध्यम से समाज में दिखाकर लोगों में धर्म के प्रति रूचि उत्पन्न कि जा रही है

हमे विश्वास है की हमारा यह लघु प्रयास आप सभी के सहयोग से वटव्रक्ष के रूप में फैलकर जिनवाणी का प्रचार प्रसार के उद्देश्य कि पूर्ति में सफल होगा|

आप सभी विधिवत अध्ययन करे तथा अन्य साधर्मीयो को अध्ययनमें तन-मन-धन से सहयोग करेगे हम मंगल भावना करते है