प्रवचन

जैन मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने उत्तम सत्य धर्म के बारे में बताया कि जो सत्य तक पहुँचा दे वही उत्तम सत्य धर्म है । सप्त तत्वों की व्याख्या करते हुए समझाया नाव में बैठा व्यक्ति जीव है , नाव अजीव है । नाव में छेदो से आता पानी आश्रव है । नाव में रुका पानी बंध , उसमे डाट लगा देना । पानी का निकलना निर्जरा और पूर्ण रूप से पानी निकाल देना ही मोक्ष है । इस प्रकार से श्रद्धालओं को सप्त तत्वों का ज्ञान कराते हुए मोक्ष प्राप्ति का सरल मार्ग बताया । परमात्मा कांच स्वरूप सभी प्रकार के दोषो और विकारो से रहित है ।