मन में हैं पारसनाथ, वचनों में पारसनाथ

मन में हैं पारसनाथ, वचनों में पारसनाथ,
जीवन में हैं अब तो पारसनाथ..

मंदिर में पारसनाथ, शास्त्रों में पारसनाथ,
पूजा के छंद में हैं पारसनाथ..

पारस का जो ध्यान लगाएं, पारस बन जाएं,
पारस प्रभु का सुमिरन कर ले , पारस प्रभु का अर्चन कर ले ,

मन प्रभु से मिलन करने चला, मन प्रभु दर्शन करने चला..

पारस ने अपने दर पर, सबको ही आने का मौका दिया,
क्रूर कमठ की क्रूरता को, अपने ही समता से पिघला दिया..

सांवलिया पारसनाथ,कलिकुण्ड पारसनाथ,
कचनेर वाले बाबा, पारसनाथ..

पारस का जो ध्यान लगाएं, पारस बन जाएं,
पारस प्रभु का सुमिरन कर ले , पारस प्रभु का अर्चन कर ले ,

मन प्रभु से मिलन करने चला, मन प्रभु दर्शन करने चला..

देखा यहां पर कुछ पल ठहर, दुःख और अशांति की बौछार हैं,
आशा पूरी होती नहीं, आशा ही दुःख का महा द्वार हैं..

आएं थे खाली हाथ, जाएंगे खाली हाथ,
भर दो अपने गुणों से पारसनाथ..

पारस का जो ध्यान लगाएं, पारस बन जाएं,
पारस प्रभु का सुमिरन कर ले , पारस प्रभु का अर्चन कर ले ,

मन प्रभु से मिलन करने चला, मन प्रभु दर्शन करने चला