मुझ पर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ

मुझ पर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ

 

मैं करू वंदना तेरी, ओ मेरे पारसनाथ,
मुझ पर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ,

चरणों में तुमको शीश नवाऊं, नाथ तुम्हे कैसे पाऊं,
दरश बिना व्याकुल रहता हूं, पल भर चैन नहीं पाऊं,

मेरे जीवन मे अब कर दे, तू कृपा की बरसात,
मुझ पर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ......

दुःख की तो परवाह नहीं हैं, सुख की कोई चाह नहीं,
सच्चा तो शिव पथ हैं प्रभुजी, और कोई मेरी राह नहीं,

मेरे जनम मरण को मेटो, बस इतनी सी हैं बात,
मुझ पर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ......

डोल रही भव भव में नैय्या, अब तो पार लगा दे तू ,
छाए संकट के बादल हैं, संकट मेरा मिटा दे तू ,

एक तुझसे आस हैं मेरी, मैं जपू तुम्हे दिन रात,
मुझ पर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ......

अश्वसेन के राजदुलारे, वामा देवी के प्यारे,
नाग-नागिनी तारने वाले, पारस तुम सबसे न्यारे,

मुझे महामंत्र सिखलादो, मैं जपू मंत्र दिन रात,
मुझ पर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ......

मैं करू वंदना तेरी, ओ मेरे पारसनाथ,
मुझ पर तो कृपा कर दो मेरे पारसनाथ..