पंचकल्याण मनाओ मेरे साथी

पंचकल्याण मनाओ मेरे साथी

पंचकल्याण मनाओ मेरे साथी, जीवन सफल बनाओ मेरे साथी ,
आओ रे आओ आओ मेरे साथी ,

स्वर्गपुरी से प्रभु जी पधारे, मति श्रुत ज्ञान अवधि को धारे ,
अंतिम गर्भ हुआ प्रभुजी का, जन्म मरण के कष्ट निवारे ,
गर्भकल्याण मनाओ मेरे साथी।

पंचकल्याण मनाओ मेरे साथी

प्रथम स्वर्ग से इंद्र पधारे , ऐरावत हाथी ले आये ,
पांडु शिला पर न्हवन रचाया, सकल पाप मल क्षयकर डारे ,
जन्म कल्याण कराओ मेरे साथी।

पंचकल्याण मनाओ मेरे साथी

प्रभु ने आतम ध्यान लगाया, निग्रंथो का पथ अपनाया ,
नग्न दिगम्बर दीक्षा धर कर, राग द्धेष को दूर भगाया,
तप कल्याण मनाओ मेरे साथी।

पंचकल्याण मनाओ मेरे साथी

शुक्ल ध्यान की अग्नि जलाकर, चार घातिया कर्म नशाया ,
केवल ज्ञान प्रकट कर प्रभु ने, जग को मुक्ति मार्ग बताया ,
ज्ञान कल्याण मनाओ मेरे साथी।

पंचकल्याण मनाओ मेरे साथी

चरम शरीर छोडकर प्रभुजी, सिद्ध शिला पर जाय विराजे,
आदि अनंत काल तक शाश्र्वत, सुख निज परिणीति में प्रगटाये ,
मोक्ष कल्याण मनाओ मेरे साथी

पंचकल्याण मनाओ मेरे

पंचकल्याण मनाओ मेरे साथी,

जीवन सफल बनाओ मेरे साथी ,